Saturday, April 30, 2011

Save water!


Save water!, originally uploaded by me2myself(Vaishali).

जल - एक अमूल्य शक्ती जो जनजाति के जीने का आधार हैं

एक ऐसी शक्ती जो जनसमूह को हिलाने की शमता रखती हैं

इसके अभाव में, लोग अपना गाँव छोड़ देते है

और इसके अत्यधिक प्रवाह में, गाँव के गाँव ढेह जाते हैं

इसलिए इस प्राकृतिक संपत्ति के साथ खिलवाड़ ना कीजिये

इस आवश्यक तत्व को आने वाली पीड़ी के लिए बचा के रखिये

वर्ना हर पानी की बूँद आपसे कहेगी

जिसे आप आज तो सुन पा रहे हैं

पर शायद कल को यह बूँद आप की आवाज़ ना सुन पाए

1 comment:

  1. This is the ultimate self-esteem corrector. Thank you for your post; it is a very important distinction
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